भारत में जन्म प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं: ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पूरी प्रक्रिया
द्वारा शिवम तिवारी, संस्थापक, फॉर्मसूत्र · अपडेट: November 2026 · 7 min read
अस्पताल व घर में जन्म, धारा 13 के तहत 21 दिन से लेकर 1 वर्ष से अधिक विलंब पर लेट रजिस्ट्रेशन नियम, आवश्यक शपथ पत्र एवं नगर निगम सीआरएस पोर्टल की संपूर्ण गाइड।
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 (संशोधन 2023) के अनुसार, किसी भी बच्चे के जन्म का 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना वैधानिक रूप से अनिवार्य है। जन्म प्रमाण पत्र स्कूल दाखिले, पासपोर्ट, आधार कार्ड और सभी सरकारी योजनाओं के लिए नागरिकता व आयु का सर्वोच्च कानूनी प्रमाण है।
मुख्य जानकारी
| निःशुल्क पंजीकरण समय सीमा | जन्म की तिथि से 21 दिनों के भीतर |
|---|---|
| शासकीय अधिनियम | जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 / 2023 |
| सक्षम प्राधिकारी | जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार / नगर निगम / ग्राम पंचायत |
| आधिकारिक पोर्टल | नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) crsorgi.gov.in |
| प्रमाण पत्र मिलने का समय | 7 से 15 कार्य दिवस |
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
जन्म का प्रकार पहचानें: संस्थागत (अस्पताल) या घरेलू जन्म
यदि बच्चे का जन्म सरकारी अथवा निजी अस्पताल/नर्सिंग होम में हुआ है, तो प्रपत्र 1 (बर्थ रिपोर्ट) स्थानीय रजिस्ट्रार को भेजना अस्पताल प्रबंधन की कानूनी जिम्मेदारी है। अस्पताल से डिस्चार्ज समरी और आधिकारिक जन्म पर्ची अवश्य प्राप्त करें। यदि जन्म घर पर हुआ है, तो परिवार के मुखिया अथवा आशा कार्यकर्ता को 21 दिनों के भीतर ग्राम पंचायत या नगर निगम कार्यालय में सूचना देनी होगी।
21 दिनों के भीतर सामान्य पंजीकरण (शून्य शुल्क)
केंद्रीय नागरिक पंजीकरण पोर्टल (crsorgi.gov.in) अथवा अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट/नगर निगम पोर्टल पर जाएं या सीधे अपने नगर पालिका/वार्ड कार्यालय जाएं। प्रपत्र 1 (Form 1) भरें जिसमें बच्चे का नाम, माता-पिता के आधार कार्ड अनुसार पूरा नाम, आधार संख्या और जन्म के समय का पता दर्ज करें।
21 दिन बीत जाने पर विलंबित पंजीकरण (Late Registration)
यदि 21 दिन की सीमा समाप्त हो चुकी है, तो धारा 13 के तहत प्रक्रिया निम्नानुसार होगी: • 21 से 30 दिन तक: रजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित नाममात्र विलंब शुल्क जमा कर सीधे पंजीकरण कराया जा सकता है। • 30 दिन से 1 वर्ष तक: तहसीलदार अथवा उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की लिखित अनुमति और विलंब शुल्क आवश्यक होता है। • 1 वर्ष से अधिक विलंब होने पर: प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / एसडीएम का औपचारिक आदेश, ₹10/₹50 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र (Affidavit), और स्थानीय जांच रिपोर्ट अनिवार्य होती है।
दस्तावेजों का सत्यापन व अभिलेख मिलान
रजिस्ट्रार अस्पताल से प्राप्त प्रपत्र और माता-पिता के पहचान पत्रों का मिलान करता है। घरेलू अथवा 1 वर्ष से पुराने मामलों में पटवारी/पार्षद/लेखपाल की सत्यापन रिपोर्ट के बाद रजिस्ट्रार जन्म रजिस्टर में प्रविष्टि दर्ज करता है।
डिजिटल क्यूआर युक्त प्रमाण पत्र डाउनलोड अथवा संग्रह करें
स्वीकृति मिलते ही जन्म पंजीकरण संख्या जारी हो जाती है। आप सीआरएस पोर्टल से डिजिटल हस्ताक्षरित एवं क्यूआर कोड वाला आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं या नगर निगम काउंटर से मुद्रित प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
- अस्पताल की डिस्चार्ज समरी / जन्म प्रमाण पर्ची (मुहर व हस्ताक्षर सहित)
- माता और पिता दोनों के आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति
- माता-पिता का विवाह प्रमाण पत्र अथवा संयुक्त घोषणा पत्र
- जन्म के समय का वैध निवास प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड, वोटर आईडी)
- पूर्ण रूप से भरा हुआ जन्म पंजीकरण प्रपत्र (Form 1)
- 1 वर्ष से पुराने मामलों में: गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी शपथ पत्र
- 1 वर्ष से पुराने मामलों में: उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) / मजिस्ट्रेट का आधिकारिक आदेश
स्टांप पेपर और नोटरी नियम
21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर किसी स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती। जन्म के 1 वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर ₹10 अथवा ₹50 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर 'विलंबित जन्म पंजीकरण शपथ पत्र' बनवाकर नोटरी या ओथ कमिश्नर से सत्यापित कराना अनिवार्य है।
आधिकारिक पोर्टल और लिंक
- केंद्रीय नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS ORGI Portal)
- राष्ट्रीय सेवा पोर्टल (Services.india.gov.in)
- यूआईडीएआई बाल आधार दिशा-निर्देश
आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
- माता-पिता के नाम में वर्तनी (Spelling) की गलती: प्रपत्र 1 में माता-पिता का नाम अक्षरशः आधार कार्ड के अनुसार ही लिखें।
- अस्पताल से जन्म पर्ची न लेना: डिस्चार्ज के समय अस्पताल से हस्ताक्षरित जन्म प्रविष्टि रसीद लिए बिना न निकलें।
- 1 वर्ष बाद सीधे निगम जाना: 1 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में जब तक एसडीएम न्यायालय का आदेश नहीं होगा, निगम सीधे प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे का नाम बाद में जुड़वाया जा सकता है?
हाँ। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम की धारा 14 के अनुसार प्रारंभ में बिना नाम के केवल जन्म दर्ज कराया जा सकता है। माता-पिता 12 माह के भीतर निःशुल्क, अथवा 15 वर्ष तक निर्धारित शुल्क जमा करके बच्चे का नाम जुड़वा सकते हैं।
यदि जन्म बहुत वर्ष पहले हुआ था और प्रमाण पत्र नहीं है, तो कैसे बनवाएं?
अपने क्षेत्र के उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में धारा 13(3) के तहत आवेदन करें। इसके साथ ₹10/₹50 का नोटरी शपथ पत्र, 10वीं की अंकतालिका (जिसमें जन्मतिथि दर्ज हो), माता-पिता का पहचान पत्र और निवास प्रमाण संलग्न करें। एसडीएम द्वारा पारित आदेश के आधार पर नगर निगम प्रमाण पत्र जारी करेगा।