मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) कैसे बनवाएं एवं विलंबित पंजीकरण नियम: सीआरएस पोर्टल गाइड
द्वारा शिवम तिवारी, संस्थापक, फॉर्मसूत्र · अपडेट: September 2026 · 8 min read
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 व 2023 संशोधन के तहत 21 दिनों में मृत्यु की सूचना, अस्पताल व घरेलू मृत्यु, श्मशान घाट रसीद एवं 1 वर्ष बाद एसडीएम न्यायालय आदेश की पूरी गाइड।
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 तथा संशोधन अधिनियम 2023 के अंतर्गत किसी भी नागरिक की मृत्यु की सूचना 21 दिनों के भीतर देना कानूनी रूप से अनिवार्य है। बीमा क्लेम (LIC), बैंक खातों व पीएफ पेंशन के निपटारे, पैतृक जमीन के नामांतरण (दाखिल-खारिज) और वारिस प्रमाण पत्र हेतु मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह गाइड सामान्य एवं विलंबित पंजीकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया प्रदान करती है।
मुख्य जानकारी
| निःशुल्क पंजीकरण समय सीमा | मृत्यु की तिथि से 21 दिनों के भीतर (शून्य लेट फीस) |
|---|---|
| शासकीय अधिनियम | जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 / 2023 संशोधन |
| सक्षम प्राधिकारी | जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार / नगर निगम / ग्राम पंचायत |
| केंद्रीय आधिकारिक पोर्टल | नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) crsorgi.gov.in |
| प्रमाण पत्र जारी होने का समय | 3 से 7 कार्य दिवस (सामान्य) / 30 से 60 दिन (विलंबित) |
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
मृत्यु का प्रकार पहचानें: संस्थागत (अस्पताल) बनाम घरेलू मृत्यु
• अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल प्रशासन की वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह फॉर्म 2 (मृत्यु रिपोर्ट) और फॉर्म 4 (मृत्यु कारण प्रमाण पत्र) सीधे नगर पालिका/रजिस्ट्रार को भेजे। अस्पताल से मृत्यु पर्ची अवश्य प्राप्त करें। • घर पर मृत्यु: परिवार के मुखिया अथवा निकटतम रिश्तेदार को 21 दिनों के भीतर श्मशान घाट/कब्रिस्तान की मूल रसीद के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में फॉर्म 2 जमा करना होता है।
21 दिनों के भीतर सामान्य पंजीकरण (शून्य लेट फीस)
राष्ट्रीय सीआरएस पोर्टल (crsorgi.gov.in) अथवा राज्य नगर सेवा पोर्टल पर फॉर्म 2 ऑनलाइन भरें या अपने वार्ड कार्यालय/ग्राम पंचायत जाएं। मृतक का पूरा नाम, आधार संख्या, मृत्यु की सही तिथि व समय, मृत्यु का स्थान और पति/पत्नी या माता-पिता का विवरण दर्ज करें।
धारा 13 के तहत विलंबित पंजीकरण (Late Registration) नियम
यदि 21 दिन बीत चुके हैं: • 21 से 30 दिन: रजिस्ट्रार द्वारा मामूली विलंब शुल्क लेकर सीधे दर्ज किया जाता है। • 30 दिन से 1 वर्ष: तहसीलदार / उप-जिलाधिकारी (SDM) की लिखित अनुमति और लेट फीस अनिवार्य है। • 1 वर्ष के बाद: केवल कार्यपालक दंडाधिकारी (SDM / First Class Magistrate) के औपचारिक आदेश पर ही पंजीकरण संभव है। इसके लिए गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी शपथ पत्र, श्मशान घाट रसीद और गवाहों के बयान देने होते हैं।
लेखपाल / स्वास्थ्य निरीक्षक द्वारा स्थलीय सत्यापन
घरेलू मृत्यु अथवा 1 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल या नगर निगम स्वास्थ्य निरीक्षक जांच करता है। दो स्वतंत्र पड़ोसियों के बयान (पंचनामा) दर्ज कर पुष्टि की जाती है कि मृत्यु उसी तिथि व स्थान पर हुई थी और कोई पूर्व प्रविष्टि नहीं है।
डिजिटल हस्ताक्षरित क्यूआर-कोड युक्त मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड करें
रजिस्ट्रार द्वारा अभिलेख में प्रविष्टि संख्या दर्ज होने के बाद सीआरएस पोर्टल से क्यूआर-कोड युक्त डिजिटल प्रमाण पत्र डाउनलोड करें अथवा नगर निगम काउंटर से भौतिक मुहरबंद प्रतियां प्राप्त करें। बैंक, बीमा और राजस्व कार्यों हेतु हमेशा 3 से 5 प्रमाणित प्रतियां निकालें।
आवश्यक दस्तावेज
- अस्पताल की मृत्यु पर्ची अथवा डॉक्टर द्वारा जारी मृत्यु कारण प्रमाण पत्र (Form 4/4A)
- श्मशान घाट / कब्रिस्तान की मूल रसीद (Shmashan Ghat Receipt)
- मृतक का मूल आधार कार्ड, वोटर आईडी अथवा राशन कार्ड
- आवेदक/सूचनादाता का आधार कार्ड (मृतक से संबंध सिद्ध करने हेतु)
- विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षरित प्रपत्र 2 (Form 2 Death Report)
- विलंबित पंजीकरण हेतु (>1 वर्ष): गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र
- विलंबित पंजीकरण हेतु (>1 वर्ष): उप-जिलाधिकारी (SDM) का वैधानिक स्वीकृति आदेश
- मृत्यु की पुष्टि करने वाले दो स्थानीय पड़ोसियों के बयान (पंचनामा)
स्टांप पेपर और नोटरी नियम
21 दिनों के भीतर सामान्य पंजीकरण में किसी स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती। 1 वर्ष से अधिक विलंबित मामलों में जीवित जीवनसाथी अथवा कानूनी वारिस द्वारा ₹10, ₹50 अथवा ₹100 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
आधिकारिक पोर्टल और लिंक
- केंद्रीय नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS पोर्टल)
- राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल (National Services)
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
- श्मशान घाट की रसीद खो देना: घरेलू मृत्यु के मामलों में श्मशान रसीद ही सबसे ठोस स्वतंत्र प्रमाण होती है। इसे खोने पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में बहुत समय लग जाता है।
- मृतक के आधार और अस्पताल पर्ची में नाम का अंतर: अस्पताल में भर्ती के समय नाम, पिता/पति का नाम आधार के अनुसार ही लिखवाएं।
- केवल एक मूल प्रति लेना: बीमा कंपनियों और बैंकों को मूल या स्व-सत्यापित प्रतियों की आवश्यकता होती है। शुरुआत में ही नगर निगम से 3-5 मूल प्रतियां बनवा लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
यदि किसी की मृत्यु घर पर 2 वर्ष पहले हुई थी और प्रमाण पत्र नहीं बना, तो क्या करें?
अपने क्षेत्र के उप-जिलाधिकारी (SDM) न्यायालय में विलंबित मृत्यु पंजीकरण की धारा 13(3) के तहत याचिका लगाएं। स्टाम्प पेपर शपथ पत्र, श्मशान रसीद, ग्राम प्रधान/पार्षद का प्रमाण पत्र और दो पड़ोसियों के बयान संलग्न करें। एसडीएम आदेश के बाद नगर निगम प्रमाण पत्र जारी करेगा।
क्या मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण (Cause of Death) लिखा होता है?
नहीं। गोपनीयता नियमों के अनुसार सार्वजनिक मृत्यु प्रमाण पत्र पर मृत्यु का चिकित्सीय कारण नहीं लिखा जाता; यह विवरण केवल गोपनीय सांख्यिकीय रिकॉर्ड (Form 4) में सुरक्षित रहता है।