भारत के राजपत्र (Gazette of India) में नाम परिवर्तन की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया
द्वारा शिवम तिवारी, संस्थापक, फॉर्मसूत्र · अपडेट: September 2026 · 9 min read
3-चरणीय वैधानिक प्रक्रिया: नोटरी शपथ पत्र, दो दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन, एवं भारत सरकार मुद्रणालय (सिविल लाइन्स, दिल्ली) द्वारा राजपत्र अधिसूचना।
चाहे विवाह के बाद नाम बदलना हो, उपनाम हटाना या जोड़ना हो, धर्म परिवर्तन हो या स्कूल/कॉलेज प्रमाणपत्रों में नाम की विसंगति दूर करनी हो—भारत के राजपत्र (Gazette of India, भाग 4) में प्रकाशित अधिसूचना ही वह सर्वोच्च कानूनी दस्तावेज है जिसे पासपोर्ट कार्यालय, बैंक, आधार और सभी सरकारी आयोग बिना किसी आपत्ति के स्वीकार करते हैं।
मुख्य जानकारी
| सक्षम प्रकाशन विभाग | प्रकाशन नियंत्रक, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय |
|---|---|
| मुख्यालय का पता | सिविल लाइन्स, ओल्ड सेक्रेटेरिएट के पीछे, दिल्ली - 110054 |
| अनिवार्य 3 चरण | शपथ पत्र -> समाचार पत्र विज्ञापन -> राजपत्र प्रकाशन |
| सरकारी शुल्क भुगतान | भारतकोश पोर्टल (Bharatkosh.gov.in) |
| प्रकाशन में लगने वाला समय | 30 से 45 दिन |
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
चरण 1: नाम परिवर्तन का वैधानिक शपथ पत्र (Affidavit) बनवाएं
₹10 से ₹100 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नाम परिवर्तन का शपथ पत्र बनवाएं। इसमें अपना पुराना नाम, पिता/पति का नाम, वर्तमान पता और नया नाम स्पष्ट लिखें। यह घोषणा करें कि आपने अपना पुराना नाम पूर्णतः त्याग दिया है और भविष्य में सभी सरकारी व गैर-सरकारी कार्यों में नया नाम ही उपयोग करेंगे। इसे नोटरी या ओथ कमिश्नर से सत्यापित कराएं।
चरण 2: दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराएं
अपने गृह जनपद में प्रसारित होने वाले दो प्रमुख समाचार पत्रों में संक्षिप्त विज्ञापन दें: एक अंग्रेजी दैनिक (जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स) और एक प्रादेशिक भाषा का दैनिक (जैसे दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारत आदि)। विज्ञापन छपने के बाद दोनों अखबारों के पूरे पन्ने (Full Page) संभाल कर रखें, केवल कटिंग नहीं।
चरण 3: निर्धारित प्रोफार्मा भरें और कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) तैयार करें
प्रकाशन विभाग द्वारा निर्धारित नाम परिवर्तन प्रोफार्मा भरें। सरकारी नियमों के अनुसार वही प्रारूप एक खाली सीडी (CD) में एमएस वर्ड (.docx) फॉर्मेट में सेव करना होता है। प्रोफार्मा पर 2 गवाहों के हस्ताक्षर व आवेदक के हस्ताक्षर होने चाहिए।
चरण 4: भारतकोश पोर्टल पर ऑनलाइन सरकारी शुल्क का भुगतान करें
केंद्र सरकार के भारतकोश पोर्टल (bharatkosh.gov.in) पर जाएं। 'Ministry: Housing & Urban Affairs' चुनकर 'Controller of Publications' के तहत सामान्य नागरिक नाम परिवर्तन शुल्क (लगभग ₹1,100) का ऑनलाइन भुगतान करें और चालान रसीद प्रिंट करें।
चरण 5: सम्पूर्ण दस्तावेज डाक द्वारा दिल्ली कार्यालय भेजें
सभी दस्तावेज फाइल में तैयार करें: मूल नोटरी शपथ पत्र, 2 मूल समाचार पत्र (पूरे पन्ने), प्रोफार्मा की सीडी (CD), हस्ताक्षरित प्रोफार्मा हार्ड कॉपी, भारतकोश रसीद, 2 पासपोर्ट फोटो और स्वप्रमाणित आधार कार्ड। इसे स्पीड पोस्ट द्वारा भेजें: 'नियंत्रक, प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन्स, दिल्ली - 110054'।
चरण 6: ई-गजट पोर्टल से राजपत्र अधिसूचना डाउनलोड करें
प्रकाशन विभाग प्रत्येक शनिवार को egazette.gov.in पर ई-गजट प्रकाशित करता है। 'Weekly Gazette' में जाकर 'Part IV (निजी व्यक्तियों के विज्ञापन एवं सूचनाएं)' श्रेणी में अपना नाम खोजकर डिजिटल राजपत्र डाउनलोड करें।
आवश्यक दस्तावेज
- मूल नोटरीकृत नाम परिवर्तन शपथ पत्र (गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर)
- दो मूल समाचार पत्र के पूरे पृष्ठ (एक अंग्रेजी और एक हिन्दी/स्थानीय भाषा)
- हस्ताक्षरित आधिकारिक प्रोफार्मा (दो गवाहों के हस्ताक्षर सहित)
- कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) जिसमें वही प्रोफार्मा एमएस वर्ड (.docx) फॉर्मेट में हो
- भारतकोश पोर्टल से प्राप्त ऑनलाइन शुल्क भुगतान रसीद
- आवेदक की 2 पासपोर्ट साइज नवीनतम रंगीन फोटो (हस्ताक्षरित)
- आवेदक का स्वप्रमाणित पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर आईडी / पैन)
- नाबालिग के मामले में: दोनों माता-पिता द्वारा संयुक्त घोषणा पत्र
स्टांप पेपर और नोटरी नियम
शपथ पत्र राज्य के स्टाम्प नियमों के अनुसार ₹10, ₹20 या ₹100 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर ही मुद्रित होना चाहिए और लाइसेंस प्राप्त नोटरी की लाल मुहर व हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।
आधिकारिक पोर्टल और लिंक
आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
- अखबार की केवल कटिंग भेजना: प्रकाशन विभाग अखबार की कटिंग को सीधे निरस्त कर देता है। हमेशा अखबार का पूरा पन्ना (जिसमें तारीख व नाम दिखे) ही भेजें।
- सीडी (CD) और हार्ड कॉपी में अंतर: सीडी में टाइप किए गए मैटर और कागजी फॉर्म में एक अल्पविराम (Comma) का भी अंतर होने पर फाइल लौटा दी जाती है।
- गलत शुल्क जमा करना: हमेशा भारतकोश से ही रसीद बनाएं, पुराना डिमांड ड्राफ्ट अब स्वीकार नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या पासपोर्ट में नाम सुधारने के लिए राजपत्र आवश्यक है?
यदि नाम में बड़ा बदलाव है (जैसे प्रथम नाम पूरा बदलना या नया उपनाम जोड़ना जो माता-पिता के रिकॉर्ड में नहीं है), तो पासपोर्ट सेवा केंद्र अनिवार्य रूप से राजपत्र अधिसूचना और 2 अखबारों की मांग करता है।
क्या सरकार डाक द्वारा गजट की हार्ड कॉपी घर भेजती है?
नहीं। अक्टूबर 2015 से डिजिटल इंडिया पहल के तहत भारत सरकार ने गजट की फिजिकल छपाई बंद कर दी है। egazette.gov.in से डाउनलोड की गई डिजिटल पीडीएफ कॉपी आईटी एक्ट 2000 की धारा 8 के तहत 100% वैध कानूनी दस्तावेज है।