मृत खाताधारक जमा राशि दावा प्रपत्र (नॉमिनी सहित / रहित)
दिवंगत खाताधारक के बैंक खाते में जमा शेष राशि, सावधि जमा (FD) एवं लॉकर सामग्री प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
- खाताधारक का मूल मृत्यु प्रमाण पत्र
- मूल बैंक पासबुक / सावधि जमा (FD) रसीदें / चेकबुक
- सभी दावेदारों व कानूनी वारिसों के पहचान एवं पते के प्रमाण
- दावा न करने वाले वारिसों का त्याग पत्र / अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC / Disclaimer)
- नॉमिनी न होने पर दो जमानतदारों सहित ₹100 से ₹500 का क्षतिपूर्ति बंधपत्र (Indemnity Bond)
मुख्य विवरण (Key Details)
- संबंधित विभाग / प्राधिकरण: संबंधित बैंक शाखा जहां दिवंगत का खाता / एफडी संचालित थी
- स्टांप पेपर / सरकारी शुल्क: ₹100 से ₹500 के स्टांप पेपर पर क्षतिपूर्ति बंधपत्र (Indemnity Bond)
- जमा करने का माध्यम: बैंक की संबंधित गृह शाखा में व्यक्तिगत रूप से समस्त प्रपत्र जमा
- अनुमानित समय: 15 कैलेंडर दिन (आरबीआई 2025 निर्देशानुसार)
- आधिकारिक पोर्टल: https://rbi.org.in
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
मृत्यु प्रमाण पत्र और बैंक खाते के दस्तावेज प्राप्त करें
नगर पालिका या ग्राम पंचायत से मूल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें और मृतक की पासबुक, चेक बुक व एफडी रसीदें एकत्र करें।
खाते में नॉमिनी (नामांकन) की स्थिति जांचें
बैंक पासबुक या स्टेटमेंट से देखें कि क्या खाते में वैध नॉमिनी (नामांकन) दर्ज है; नॉमिनी होने पर क्लेम की प्रक्रिया बहुत सरल और तेज होती है।
बैंक का निर्धारित क्लेम सेटलमेंट फॉर्म भरें
यदि नॉमिनी है तो नॉमिनी क्लेम फॉर्म, और यदि नॉमिनी नहीं है तो सभी कानूनी वारिसों द्वारा संयुक्त क्लेम फॉर्म भरें।
इंडेम्निटी बॉन्ड और ज़मानतदार (Sureties) तैयार करें (नॉमिनी न होने पर)
बिना नॉमिनी वाले मामलों में राज्य के स्टांप नियमानुसार ₹100 से ₹500 के स्टांप पेपर पर इंडेम्निटी बॉन्ड और दो स्वतंत्र जमानतदारों के दस्तावेज तैयार करें।
होम ब्रांच में दस्तावेज जमा करें और भुगतान प्राप्त करें
बैंक शाखा में सभी दस्तावेज जमा करें; आरबीआई (RBI) 2025 निर्देशों के तहत सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के 15 कैलेंडर दिनों के भीतर क्लेम का निपटारा अनिवार्य है।
फॉर्म कैसे भरें (How to Fill)
- फॉर्म में मृतक का पूरा नाम, मृत्यु की सही तारीख और स्थाई पता साफ दर्ज करें।
- उस शाखा में मृतक के सभी खातों (बचत खाता, चालू खाता, एफडी, आरडी, लॉकर) के नंबर स्पष्ट रूप से लिखें।
- यदि नॉमिनी आवेदन कर रहा है, तो अपना आधार, पैन कार्ड, फोटो और क्लेम राशि ट्रांसफर कराने के लिए अपना बैंक खाता विवरण दें।
- यदि बिना नॉमिनी के दावा है, तो सभी कानूनी वारिसों के नाम, उम्र और संबंध लिखें और जो वारिस दावा छोड़ रहे हैं उनसे नोटरीकृत सहमति पत्र (Disclaimer Letter) संलग्न कराएं।
- गारंटरों (Sureties) के पहचान पत्र और वित्तीय प्रमाण (वेतन पर्ची या खतौनी/आईटीआर) संलग्न करें।
आम गलतियों से बचें (Common Mistakes)
- खाताधारक की मृत्यु के बाद उनके एटीएम कार्ड, चेक या नेट बैंकिंग से पैसा निकालना, जो कानूनी रूप से अपराध है।
- राज्य के नियमानुसार उचित मूल्य के स्टांप पेपर पर इंडेम्निटी बॉन्ड न बनवाना।
- कानूनी वारिसों की सूची में विवाहित पुत्रियों या नाबालिग बच्चों का नाम छिपाना या छोड़ देना।
- अस्पताल के पर्चे को मृत्यु प्रमाण पत्र समझ लेना; केवल रजिस्ट्रार द्वारा जारी आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र ही मान्य होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- यदि खाते में नॉमिनी दर्ज है तो क्या बैंक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र मांग सकता है?
नहीं। आरबीआई 2025 निर्देशों के अनुसार यदि वैध नॉमिनी दर्ज है, तो बैंक को केवल मृत्यु प्रमाण पत्र और केवाईसी के आधार पर 15 कैलेंडर दिनों में भुगतान करना होता है।
- क्या नॉमिनी को खाते के पूरे पैसे का मालिक माना जाता है?
नहीं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार नॉमिनी केवल ट्रस्टी होता है, और वास्तविक मालिक मृतक के सभी कानूनी वारिस होते हैं।
- यदि खाते में कोई नॉमिनी न हो तो बैंक से पैसा कैसे निकलता है?
आरबीआई निर्देश 2025 के अनुसार बिना नॉमिनी वाले खातों में वाणिज्यिक बैंकों में ₹15 लाख और सहकारी बैंकों में ₹5 लाख तक सरलीकृत दस्तावेजों (क्षतिपूर्ति बंधपत्र/इंडेम्निटी बॉन्ड और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र) के आधार पर बिना उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भुगतान होता है। यदि बैंक 15 कैलेंडर दिनों के बाद देरी करता है, तो जमा पर बैंक दर + 4% वार्षिक ब्याज और लॉकर पर ₹5,000 प्रतिदिन का विलंब मुआवजा देय होता है।
- इंडेम्निटी बॉन्ड के लिए कितने रुपये का स्टांप पेपर लगता है?
यह संबंधित राज्य के स्टांप अधिनियम पर निर्भर करता है, आमतौर पर ₹100 से ₹500 का गैर-न्यायिक स्टांप पेपर लगता है।
- मृतक के बैंक लॉकर से सामान निकालने की क्या प्रक्रिया है?
बैंक अधिकारियों की समिति, नॉमिनी या वारिसों और स्वतंत्र गवाह की उपस्थिति में लॉकर खोलकर सूची (इन्वेंट्री) बनाती है और सामान सुपुर्द करती है।