सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन पत्र (प्रपत्र क)
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सरकारी कार्यालयों के दस्तावेज, टेंडर, सड़क निर्माण, परीक्षा कॉपियां व फाइलों के निरीक्षण हेतु वैधानिक आवेदन।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
- पहचान / पते का प्रमाण (गरीबी रेखा से नीचे होने पर बीपीएल कार्ड प्रति)
- ₹10 के आवेदन शुल्क का भुगतान प्रमाण (पोस्टल ऑर्डर / डीडी / कोर्ट फीस टिकट)
मुख्य विवरण (Key Details)
- संबंधित विभाग / प्राधिकरण: लोक सूचना अधिकारी (PIO) / संबंधित सरकारी विभाग
- स्टांप पेपर / सरकारी शुल्क: ₹10 का आवेदन शुल्क (IPO / कोर्ट फीस / बैंक ड्राफ्ट)
- जमा करने का माध्यम: केंद्रीय मंत्रालयों हेतु आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल अथवा पीआईओ को पंजीकृत डाक/व्यक्तिगत
- अनुमानित समय: 30 दिन की वैधानिक समय-सीमा
- आधिकारिक पोर्टल: https://rtionline.gov.in
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
संबंधित सरकारी विभाग एवं लोक सूचना अधिकारी की पहचान करें
निर्धारित करें कि आप जिस मामले की जानकारी चाहते हैं, वह किस सरकारी विभाग या कार्यालय के अधीन आता है और उसके जन सूचना अधिकारी (PIO) का पदनाम ज्ञात करें।
प्रपत्र क पर बिंदुवार व स्पष्ट प्रश्न तैयार करें
आरटीआई प्रपत्र क पर अपने प्रश्न सरल, स्पष्ट एवं क्रमांकित रूप में लिखें। किसी फाइल की प्रमाणित प्रतिलिपि, कार्य आदेश, टेंडर या शिकायत पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगें।
₹10 का विहित आवेदन शुल्क संलग्न करें
विभाग के नियमानुसार ₹10 का पोस्टल ऑर्डर (IPO), बैंक ड्राफ्ट, कोर्ट फीस टिकट अथवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करें।
गरीबी रेखा के नीचे होने पर बीपीएल प्रमाण संलग्न करें
यदि आप बीपीएल वर्ग से संबंधित हैं और शुल्क से छूट चाहते हैं, तो अपने वैध बीपीएल कार्ड या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करें।
रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेजें अथवा ऑनलाइन दाखिल करें
केंद्रीय विभागों हेतु आरटीआई पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करें अथवा पीआईओ के पते पर रजिस्टर्ड डाक / स्पीड पोस्ट द्वारा भेजें और डाक रसीद सुरक्षित रखें।
फॉर्म कैसे भरें (How to Fill)
- शीर्ष पर 'सेवा में, जन सूचना अधिकारी' लिखकर संबंधित सरकारी विभाग, मंत्रालय एवं कार्यालय का सटीक पता दर्ज करें।
- आवेदक के विवरण में अपना पूरा नाम, पत्राचार का स्थायी पता, पिन कोड एवं मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से भरें।
- मांगी गई सूचना के कॉलम में बिंदु 1, 2, 3 बनाकर केवल वही जानकारी मांगें जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो।
- शुल्क विवरण में पोस्टल ऑर्डर संख्या, डीडी नंबर अथवा ऑनलाइन लेनदेन संदर्भ संख्या तथा ₹10 की राशि दर्ज करें।
- प्रपत्र के अंत में अपने हस्ताक्षर करें एवं आवेदन प्रस्तुत करने का दिनांक अंकित करें।
आम गलतियों से बचें (Common Mistakes)
- विभाग से कारण पूछना ('ऐसा क्यों नहीं हुआ?') अथवा सलाह मांगना; आरटीआई में केवल लिखित रिकॉर्ड की प्रति मांगी जा सकती है।
- आवेदन पत्र में ₹10 के शुल्क का उल्लेख न करना अथवा पोस्टल ऑर्डर की संख्या दर्ज न करना।
- साधारण डाक से आवेदन भेजना जिससे आवेदन प्राप्ति का कोई कानूनी प्रमाण नहीं बचता।
- एक ही आवेदन में कई अलग-अलग विभागों से संबंधित मामलों को आपस में मिला देना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- आरटीआई प्रपत्र क दाखिल करने का सरकारी शुल्क कितना है?
केंद्रीय विभागों हेतु आवेदन शुल्क ₹10 निर्धारित है, जबकि गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के आवेदकों के लिए यह पूर्णतः निःशुल्क है।
- जन सूचना अधिकारी को कितने दिनों में जानकारी उपलब्ध करानी होती है?
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अनुसार जन सूचना अधिकारी को आवेदन प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से सूचना देनी होती है।
- क्या आरटीआई के तहत सरकारी निर्णय का कारण पूछा जा सकता है?
नहीं, आरटीआई के तहत केवल कार्यालय में मौजूद सरकारी फाइलों, आदेशों, टेंडरों व दस्तावेजों की प्रतियां ही प्राप्त की जा सकती हैं।
- यदि 30 दिन में कोई जवाब न मिले तो क्या करें?
यदि 30 दिन में कोई उत्तर न मिले या अधूरी जानकारी मिले, तो आप प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रपत्र ख पर प्रथम अपील दाखिल कर सकते हैं।
- क्या आरटीआई आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है?
हाँ, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और कई राज्य सरकारों के विभागों के लिए आधिकारिक आरटीआई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।