मृत्यु प्रमाण पत्र पंजीकरण आवेदन (प्रपत्र 2)
नागरिक के निधन का आधिकारिक सरकारी अभिलेख, जो बैंक खाता दावा, संपत्ति उत्तराधिकार और बीमा निपटान के लिए अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
- अस्पताल की मृत्यु समरी / श्मशान घाट या कब्रिस्तान की मूल रसीद
- दिवंगत व्यक्ति का पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर आईडी)
- आवेदक / सूचनादाता का पहचान पत्र
- 21 दिन उपरांत विलंबित पंजीकरण होने पर एसडीएम (SDM) अनुमति आदेश
मुख्य विवरण (Key Details)
- संबंधित विभाग / प्राधिकरण: जन्म एवं मृत्यु पंजीयक / नगर निगम / ग्राम पंचायत सचिव
- स्टांप पेपर / सरकारी शुल्क: प्रपत्र 2 निःशुल्क (21 दिन बाद विलंबित पंजीकरण पर नगर निगम विलंब शुल्क)
- जमा करने का माध्यम: नगर निगम स्वास्थ्य विभाग / ग्राम पंचायत सचिव अथवा राज्य सीआरएस पोर्टल
- अनुमानित समय: 7–14 कार्यदिवस
- आधिकारिक पोर्टल: https://crsorgi.gov.in
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
अस्पताल समरी अथवा श्मशान घाट की पर्ची प्राप्त करें
अस्पताल में निधन होने पर वहां से मृत्यु रिपोर्ट (फॉर्म 4) अथवा श्मशान घाट / कब्रिस्तान से मूल दाह-संस्कार रसीद प्राप्त करें।
प्रपत्र 2 (Form 2) को सावधानीपूर्वक भरें
जन्म एवं मृत्यु पंजीयक के निर्धारित प्रपत्र 2 में दिवंगत व्यक्ति का पूरा नाम, मृत्यु का दिनांक, मृत्यु का स्थान और कारण भरें।
दिवंगत व आवेदक के पहचान पत्र संलग्न करें
दिवंगत व्यक्ति के आधार कार्ड / वोटर आईडी की प्रति तथा सूचना देने वाले परिजन के पहचान व पते का प्रमाण संलग्न करें।
21 दिनों के भीतर पंजीयक कार्यालय में जमा करें
तैयार प्रपत्र को 21 दिनों की वैधानिक अवधि के भीतर संबंधित नगर निगम स्वास्थ्य शाखा अथवा ग्राम पंचायत सचिव के समक्ष प्रस्तुत करें।
प्रमाणित मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें
पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण होने पर नगर निगम काउंटर अथवा राज्य जन्म-मृत्यु पोर्टल से क्यूआर कोड युक्त प्रमाणित मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
फॉर्म कैसे भरें (How to Fill)
- दिवंगत विवरण में मृतक का पूरा नाम, लिंग, मृत्यु के समय आयु तथा आधार कार्ड संख्या सही दर्ज करें।
- मृत्यु का दिनांक एवं स्थल वाले कॉलम में सटीक तारीख तथा अस्पताल अथवा घर का पूरा पता लिखें।
- माता-पिता / पति-पत्नी के कॉलम में आधार कार्ड के अनुसार सही नाम व संबंध अंकित करें।
- सूचनादाता विवरण में परिजन का नाम, मृतक से संबंध, स्थायी पता व मोबाइल नंबर दर्ज करें।
आम गलतियों से बचें (Common Mistakes)
- निधन की सूचना देने में 21 दिनों से अधिक का विलंब करना, जिससे एसडीएम से विलंबित आदेश लेना पड़ता है।
- अस्पताल की पर्ची और मृतक के आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग में अंतर होना।
- श्मशान घाट अथवा कब्रिस्तान की मूल पावती रसीद को सुरक्षित न रखना।
- मृतक का स्थायी पता नगर निगम क्षेत्र से बाहर का दर्ज कर देना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- निधन के कितने दिनों के भीतर मृत्यु पंजीकरण कराना अनिवार्य है?
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के अनुसार किसी भी नागरिक के निधन की सूचना 21 दिनों के भीतर पंजीयक को देना अनिवार्य है।
- मृत्यु प्रमाण पत्र कौन सा विभाग जारी करता है?
शहरी क्षेत्र में नगर निगम / नगर पालिका तथा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत के जन्म-मृत्यु पंजीयक द्वारा जारी किया जाता है।
- यदि 21 दिन के भीतर मृत्यु दर्ज न कराई जाए तो क्या प्रक्रिया है?
21 दिन बीत जाने पर विलंब शुल्क, नोटरीकृत शपथ पत्र तथा तहसीलदार / एसडीएम के आदेश उपरांत ही पंजीकरण संभव होता है।
- प्रपत्र 2 पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का सरकारी शुल्क क्या है?
वैधानिक 21 दिनों के भीतर प्रपत्र 2 पर पंजीकरण निःशुल्क होता है, जबकि बाद में निर्धारित विलंब शुल्क देय होता है।
- मृत्यु प्रमाण पत्र कितने दिनों में बनकर मिल जाता है?
दस्तावेजों के विधिवत सत्यापन के उपरांत सामान्यतः 7–14 Days में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।