वारिस / उत्तराधिकार प्रमाण पत्र आवेदन (Legal Heir)

Read in English →

दिवंगत व्यक्ति के सभी वैध उत्तराधिकारियों की आधिकारिक पहचान, जो सरकारी उपादान, पेंशन, बैंक जमा व संपत्ति हस्तांतरण हेतु आवश्यक है।

आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

मुख्य विवरण (Key Details)

आवेदन कैसे करें (How to Apply)

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें

    नगर निगम अथवा ग्राम पंचायत पंजीयक कार्यालय से दिवंगत पारिवारिक सदस्य का आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

  2. संयुक्त पारिवारिक शपथ पत्र तैयार कराएं

    ₹100 के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर दिवंगत के सभी जीवित उत्तराधिकारियों के नाम, आयु व संबंध दर्शाने वाला नोटरीकृत संयुक्त शपथ पत्र बनवाएं।

  3. तहसीलदार राजस्व न्यायालय अथवा ई-डिस्ट्रिक्ट पर आवेदन

    परिवार रजिस्टर / समग्र आईडी / राशन कार्ड की प्रमाणित प्रति सहित तहसीलदार के राजस्व न्यायालय अथवा राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत करें।

  4. पटवारी / तलाठी द्वारा स्थलीय जांच

    क्षेत्रीय पटवारी अथवा राजस्व निरीक्षक दिवंगत के घर जाकर पंचनामा तैयार करता है और समस्त जीवित वारिसों की पुष्टि कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करता है।

  5. आपत्ति सूचना एवं प्रमाण पत्र जारी होना

    सार्वजनिक नोटिस अवधि में कोई आपत्ति प्राप्त न होने पर तहसीलदार अथवा एसडीएम द्वारा वारिस प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है।

फॉर्म कैसे भरें (How to Fill)

आम गलतियों से बचें (Common Mistakes)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

वारिस (Legal Heir) प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?

राजस्व विभाग के तहसीलदार अथवा उप-विभागीय दंडाधिकारी (SDM) / राजस्व न्यायालय द्वारा यह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

वारिस शपथ पत्र के लिए कितने रुपये का स्टांप पेपर चाहिए?

राजस्व नियमों के अनुसार सामान्यतः ₹100 के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर नोटरीकृत संयुक्त पारिवारिक शपथ पत्र दिया जाता है।

वारिस प्रमाण पत्र जारी होने में कितना समय लगता है?

पटवारी जांच, पंचनामा तथा सार्वजनिक नोटिस प्रक्रिया के कारण इसमें सामान्यतः 30–60 दिन का समय लगता है।

क्या विवाहित बेटी का नाम वारिस प्रमाण पत्र में दर्ज होना आवश्यक है?

हाँ, कानूनन विवाहित बेटियां भी माता-पिता की पूर्ण कानूनी उत्तराधिकारी हैं और उनका नाम व अनापत्ति अनिवार्य होती है।

वारिस प्रमाण पत्र और सक्सेशन सर्टिफिकेट में क्या अंतर है?

वारिस प्रमाण पत्र राजस्व विभाग द्वारा पारिवारिक पहचान व पेंशन/ग्रेच्युटी हेतु बनता है, जबकि सक्सेशन सर्टिफिकेट बैंक जमा व शेयरों हेतु सिविल कोर्ट जारी करता है।

संबंधित गाइड

WhatsApp पर शेयर करें

← फॉर्मसूत्रा होमपेज